आगरा, मई 1 -- पति-पत्नी के मध्य शादी के कुछ माह के भीतर ही मतभेद उत्पन्न हो गए। जिससे दोनों अलग रहने लगे। साथ रहने की बात नहीं बन सकी तो उन्होंने तलाक के लिए परिवार न्यायालय में याचिका दाखिल की। न्यायालय ने करीब डेढ़ माह के भीतर याचीगण की आपसी सहमति से विवाह विच्छेद (तलाक) याचिका स्वीकार कर विवाह को विच्छेदित करने के आदेश दिए। पत्नी की ओर से अधिवक्ता शैलेन्द्र पाल सिंह, सुमित कुमार बघेल, मनीषा सिसौदिया ने पैरवी की। बदायूं निवासी युवती की शादी नवंबर 2021 में आगरा में रहने वाले युवक के साथ हुई थी। विवाह के कुछ समय बाद ही दोनों के मध्य मनमुटाव होने लगा। जिस कारण दोनों का एक साथ रहना संभव नहीं हो सका। जुलाई 2022 से दोनों अलग रह रहे हैं। दंपति ने आपसी सहमति से विवाह विच्छेद के लिए फरवरी 2026 में कोर्ट में याचिका प्रस्तुत की। वर्तमान में विदेश ...