नई दिल्ली, जनवरी 11 -- विवाह एक पवित्र बंधन है, लेकिन जीवन में कभी-कभी ऐसा समय आता है जब पति धोखा दे देता है। यह स्थिति पत्नी के लिए बहुत दर्दनाक और मानसिक रूप से परेशान करने वाली होती है। ऐसे में मन टूट जाता है, आत्मविश्वास खत्म हो जाता है और जीवन का रास्ता दिखाई नहीं देता। वृंदावन के प्रसिद्ध संत **श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज** अपने सत्संगों में इस विषय पर बहुत गहराई से बात करते हैं। महाराज जी कहते हैं कि धोखा मिलने पर सबसे पहले मन को शांत रखें और राधा नाम की शरण में जाएं। क्रोध, बदला या तलाक का फैसला जल्दबाजी में ना लें। महाराज जी के उपदेश से जानते हैं कि ऐसी स्थिति में पत्नी को क्या करना चाहिए।सबसे पहले मन को शांत करें - क्रोध में फैसला ना लें प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि धोखा मिलने पर सबसे पहले मन को शांत करें। क्रोध म...
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