दुमका, फरवरी 18 -- रानेश्वर, प्रतिनिधि। एक ओर सती सावित्री ने जहां अपनी असीम बुद्धिमता, साहस और पतिव्रत धर्म के बल पर यमराज से अपने पति सत्वान के प्राण तक वापस ले आईं थी, वहीं इस कलियुग में विधवा पेंशन योजना की प्रतिमाह मात्र 1000 रुपए पाने की लालच में आकर कागजों पर अपने जीवित पति को ही मार डाला। बिचौलिए के साथ मिल फर्जी दस्तावेज तैयार कर पति के जीवित रहते पिछले 8-9 वर्षो से आधा दर्जन महिलाओं द्वारा सामाजिक सुरक्षा के तहत विधवा पेंशन लिए जाने का मामला का खुलासा हुआ है। यह मामला रानेश्वर प्रखंड के महुलबोन पंचायत के कदमा गांव की है। जहां वर्षों से फर्जी तरीके से सामाजिक सुरक्षा के तहत विधवा पेंशन का लाभ लिया जा रहा था। मामले की खुलासा मंगलवार को तब हुई जब रानेश्वर के प्रखंड विकास पदाधिकारी राजेश कुमार सिन्हा गांव पहुंचकर मामले की खुद जांच क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.