औरैया, सितम्बर 24 -- पति को परिचितों से बातचीत करने पर पत्नी को रोकना जान देकर चुकाना पड़ा। पत्नी ने सहयोगियों के साथ मिलकर पति को लकड़ी छिलाई के बहाने घर से बुलवाया और उसकी हत्या कर शव रूरुआ पुल के पास फिंकवा दिया। छह वर्ष पुराने इस मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कैलाश कुमार ने मृतक की पत्नी सोनी देवी और उसके सहयोगी सर्वेश कुमार उर्फ दक्का को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 30-30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद राजपूत ने बताया कि अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के सैदपुर सांफर गांव निवासी 65 वर्षीय राजबेटी ने 16 जुलाई 2020 को अपने इकलौते बेटे 30 वर्षीय शिवराज सिंह उर्फ रविंद्र सिंह की हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिवराज की शादी घटना से करीब 12 वर्ष पहले सोनी देवी से हुई थी।

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