लखनऊ, मार्च 31 -- UP News: हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने घरेलू हिंसा के एक मामले में स्पष्ट किया है कि पति को उसके आय व सम्पत्ति का ब्योरा देने के लिए ट्रायल कोर्ट बाध्य कर सकती है। निचली अदालत ने पति को आय व संपत्ति का ब्योरा पेश करने का आदेश देने की पत्नी के प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया था। न्यायालय ने निचली अदालत के उक्त आदेश को निरस्त करते हुए कहा कि भरण-पोषण और घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों में वास्तविक आय का खुलासा अत्यंत आवश्यक है। न्यायालय ने निचली अदालत को पत्नी की अर्जी पर नये सिरे से विचार करने का भी आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की एकल पीठ ने पत्नी व नाबालिग पुत्र की ओर से दाखिल एक याचिका पर पारित किया है। दरअसल पत्नी ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट और आर्थिक प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए, अपर मुख्य...
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