इटावा औरैया, अप्रैल 30 -- इटावा। मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करने , बेटियों को उनके पैरों पर खड़ा करने और उनका विवाह करना कोई आसान काम नहीं है। साहस और धैर्य हो तो यह सब कुछ किया जा सकता है। जिले में कुछ ऐसी महिलाएं भी हैं जो अपने पति की मृत्यु से टूटी नहीं, उन्होने हिम्मत नहीं हारी बल्कि पूरी हिम्मत से मेहनत की,मजदूरी की और अपने बच्चों को पाल-पोसकर बढ़ा किया। बेटियों की शादी की और अपने पैरों पर खड़ा कर दिया।
विमला देवी की कहानी इकदिल क्षेत्र के कांकरपुर में रहने वाली विमला देवी का नाम इसी तरह की महिलाओं में शामिल है। कई वर्ष पहले विमला देवी के पति का देहांत हो गया था। उनके 6 बेटियां हैं, आज के दौर में 6 बेटियों का पालन पोषण करना कोई आसान काम नहीं है। पति की मौत से टूट चुकी विमला ने अपनी बेटियों की खातिर अपना गम सीने में दफन ...
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