कानपुर, मई 10 -- मंगलपुर, संवाददाता। मंगलपुर कस्बे की रहने वाली शाहीन बानो ने पति की मौत के बाद विपरीत परिस्थितियों के आगे घुटने टेकने के बजाय अपने हौसले से अपने बेटे का भविष्य संवारा। अकेले दम पर अपने बेटे को कामयाबी के शिखर तक पहुंचाया। मंगलपुर कस्बा निवासी अनीश खान खेती-बाड़ी का काम करते थे। वर्ष 2018 में बीमारी से उसकी मृत्यु हो गई। उनके चार बेटे थे, जिसमें बड़ा बेटा आदिल उस समय आठवीं कक्षा में था। घर की जिम्मेदारी और बच्चे का भविष्य, दोनों ही शाहीन बानो के कंधों पर आ गए थे। ​संघर्ष से सफलता का सफर पति के जाने के बाद शाहीन बानो ने न केवल घर की कमान संभाली, बल्कि आदिल की पढ़ाई में कभी कोई बाधा नहीं आने दी। यह भी पढ़ें- विषम परिस्थितियां भी नहीं डिगा पाई हौसला, निभाया फर्ज मां के इसी त्याग और मेहनत को देख आदिल ने भी जी-जान से मेहनत की। मेह...