शिमला, जुलाई 14 -- हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने हाल ही में एक महिला के हक में फैसला सुनाते हुए उसे 15 साल पहले से नियमित मानने का आदेश दिया है। दरअसल इस महिला की नियुक्ति पति की मौत के बाद अनुकंपा के आधार पर हुई थी, जब महिला कर्मचारी को नियमित करने का समय आया तो विभाग ने उसके सामने ऐसी शर्त रख दी, जिसे वह पूरा नहीं कर सकी। उसे अपने जनजातीय क्षेत्र पांगी से करीब 300 किलोमीटर दूर नाहन या बिलासपुर जाकर काम करने को कहा गया। महिला ने बताया कि वह अकेले अपने छोटे बच्चों की परवरिश कर रही है और इतनी दूर जाना संभव नहीं है। जिसके बाद विभाग ने उसे नियमित नहीं किया। अब हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि ऐसी मजबूरी को आधार बनाकर किसी कर्मचारी का अधिकार नहीं छीना जा सकता।4 साल इंतजार करना पड़ा, कोर्ट ने माना विभाग का फैसला गलत मामले में नोरात्रु देवी ने ...