पति की आय 45 हजार है या 11 से 12 लाख? हाईकोर्ट ने एसीपी को दिए वास्तविक कमाई की जांच के आदेश
नई दिल्ली, अक्टूबर 22 -- प्रयागराज, विधि संवाददाता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भरण-पोषण के एक मामले में पति की वास्तविक आय की जांच का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरी ने समदर्श चौहान की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। पति का कहना है कि वह 40-45 हजार रुपये महीना कमाता है और ट्रायल कोर्ट ने 50 हजार महीना भरण-पोषण का गलत आदेश दिया है। दूसरी ओर पत्नी का कहना है कि पति की आय 11 से 12 लाख रुपये है, जो पिछले आदेश में दर्ज है और पति ने उस आदेश को चुनौती भी नहीं दी। याचिका में फैमिली कोर्ट गौतमबुद्ध नगर के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें पत्नी को 50 हजार रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण देने का निर्देश है। याची के अधिवक्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के अनुसार पति की आय का 25 फीसदी पत्नी को भरण-पोषण के रूप में दिया जाना चाहिए। पत्नी ने घरेलू...
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