प्रयागराज, सितम्बर 26 -- नैनी के धनुहा स्थित ब्रह्माकुमारीज साधना केंद्र में शनिवार को गुजरात और दमन व दीव के 60 ब्रह्माकुमारीज भाई-बहनों के दल का आगमन हुआ। इस अवसर पर केंद्र में अतिथियों का भव्य स्वागत किया गया। गुजरात की भानु दीदी ने कहा कि परमपिता परमात्मा दु:ख को नष्ट करने के साथ सुख प्रदान करते हैं। परमात्मा को हमें बहुत प्यार से याद करना है। वही पतितों को पावन बनाने वाले हैं। दीव की गीता दीदी ने कहा कि तन की बीमारी कोई बड़ी बात नहीं, लेकिन मन कभी बीमार न हो इसका ध्यान रखना जरूरी है। मन को परमात्मा में अर्पण कर मन भावन हो जाना ही सच्चा राजयोग है। स्वागत संबोधन में मनोरमा दीदी ने कहा की प्रयागराज संतों की भूमि रही है। यहां त्रिवेणी तट पर एक माह तक संत-गृहस्थ कल्पवास करते हैं। प्रयागराज का नाम प्रजापिता ब्रह्मा के द्वारा सृष्टि के निमि...