औरैया, जनवरी 13 -- औरैया, संवाददाता। मकर संक्रांति का त्योहार आते ही आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से पटने लगता है। लेकिन इसके साथ ही हर बार एक खतरा भी मंडराने लगता है। घातक चाइनीज मांझे का। कई शहरों में चाइनीज मांझे से पक्षी, राहगीर और बाइक सवार घायल हुए हैं। स्थानीय प्रशासन ने इस बार भी इसके उपयोग से बचने की अपील की है। बाजारों में देसी सूती मांझा और साधारण नाइलॉन मांझा उपलब्ध है, परंतु चाइनीज मांझे की अवैध बिक्री को रोकना चुनौती बना हुआ है। स्थानीय बुद्धिजीवियों ने भी त्योहार की खुशियों के साथ जागरूकता की जरूरत बताई है। उमेश कनौजिया का कहना है कि संक्रांति आनंद का पर्व है, लेकिन हमारी लापरवाही दूसरों की जान जोखिम में डाल सकती है। कवि व शिक्षक गोविंद द्विवेदी बोले कि कई बार बच्चों में प्रतिस्पर्धा इतनी बढ़ जाती है कि सुरक्षा पीछे छूट जाती है। ...
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