लखनऊ, फरवरी 3 -- लखनऊ। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का यदि साक्ष्यों एवं नैतिकता के साथ विवेकपूर्ण उपयोग किया जाए। तो यह छात्रों के समग्र विकास का प्रभावी माध्यम साबित हो सकता है। ये बातें सीएमएस प्रबन्धक प्रो. गीता गांधी किंगडन ने दिल्ली में आयोजित एआई फॉर लर्निंग फोरम, इण्डिया के पैनल डिस्कशन में कहीं। गूगल इंडिया के तत्वावधान में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 पर बोलते हुए प्रो.किंगडन ने कहा कि एआई में न केवल शैक्षणिक परिणामों को मज़बूत करने की क्षमता है। बल्कि यह छात्रों के वैश्विक दृष्टिकोण, रचनात्मकता एवं चिंतन पद्धति पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री जयंत चौधरी समेत अन्य ने टीचिंग-लर्निंग प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए उभरती प्रौद्योगिकी के उपयोग पर पर बातें रखी। कार्यक्रम में सीएमएस के कैम्ब्रिज से...
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