नई दिल्ली, फरवरी 19 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भारत और मंगोलिया के बीच सांस्कृतिक अंतः प्रवाह का समापन गुरुवार को हुआ। समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए आईजीएनसीए के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने स्पष्ट किया कि सम्मेलन का उद्देश्य साम्राज्यवाद स्थापित करना नहीं, बल्कि समावेशिता को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि बृहत्तर भारत की अवधारणा के तहत हम पड़ोसी देशों में भारत की सांस्कृतिक छाप और साझा तत्वों की खोज करना चाहते हैं। मंगोलिया में भारत की गहरी उपस्थिति स्पष्ट है, पर भारत में मंगोलिया की मौजूदगी पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया।
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