पड़हा व्यवस्था हमारी धरोहर है : विशाल उरांव
रांची, अप्रैल 29 -- बेड़ो, प्रतिनिधि। जेठ जतरा हमारे पूर्वजों की दी हुई धरोहर है और इसे अक्षुण्ण बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उक्त बातें 12 पड़हा राजा विशाल उरांव ने कही। वे बेड़ो प्रखंड के हरिहरपुर जामटोली जतरा बागीचा में आयोजित 12 पड़हा जेठ जतरा संचालन समिति के 126वें जेठ जतरा समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी और समाज को इस परंपरा को भली-भांति समझना होगा। पड़हा केवल एक संस्था नहीं, बल्कि एक व्यवस्था है, जिसे समझने और आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। समारोह में 12 पड़हा क्षेत्र के विभिन्न गांवों के खोड़हा के ग्रामीणों ने पड़हा के पहचान चिन्ह झंडा, ढोल और नगाड़ा के साथ पारंपरिक नृत्य-गान प्रस्तुत किया। इस अवसर पर चरवा उरांव, सुका उरांव, संदीप कुजूर, बासु उरांव, महादेव उरांव, दिलीप उरांव, बुधराम ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.