पड़ताल: स्लीपर बसों में अंदर लोड किया जा रहा सामान, यात्रियों को इमरजेंसी दरवाजों की जानकारी नहीं
नई दिल्ली, सितम्बर 25 -- - बर्थ व सीटों का साइज बढ़ाने के लिए कम कर दी गई गलियारे की चौड़ाई - गलियारे में रिफ्लेक्टेड टेप न होने से हादसे के दौरान बसों से सुरक्षित निकल पाने के लिए नहीं मिलती जगह यह भी पढ़ें- स्लीपर बसों की बॉडी और सीटें बढ़ा दीं - प्रवेश और निकास के लिए सिर्फ एक मुख्यद्वार पर्याप्त नहीं यह भी पढ़ें- हाईवे पर स्पीड रडार न कैमरे, रफ्तार पर कैसे लगे अंकुश नई दिल्ली, हिंदुस्तान टीम। दिल्ली से महोबा जा रही स्लीपर बस में ग्रेटर नोएडा में आग लगने के कारण हुई नौ लोगों की मौत के बाद लंबी दूरी के लिए चलने वाली इन बसों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दिल्ली से यूपी, बिहार, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड समेत देशभर के अन्य राज्यों और नेपाल तक रोजाना 100 से ज्यादा बसें चलती हैं, लेकिन अधिकांश बसों में सुरक्षा के पर...
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