बुलंदशहर, फरवरी 20 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा है कि गांव सभी के प्रस्ताव व एसडीएम के अनुमोदन से लोगों को दिए गए कृषि भूमि पट्टे के खिलाफ किसी पीड़ित को ही शिकायत करने का अधिकार है। जो पीड़ित न हो, उसकी शिकायत पर की गई कार्रवाई अवैध है। कोर्ट ने कहा कि पीड़ित वह है, जिसे इस कार्य से विधिक क्षति पहुंची हो या अनुचित तरीके से वंचित किया गया हो या उसे कुछ देने से इनकार कर दिया गया हो। ऐसा व्यक्ति किसी कार्य के खिलाफ शिकायत कर सकता है। इसी के साथ कोर्ट ने भूमि आवंटन व अनुमोदन को निरस्त करने के एडिशनल कलेक्टर बुलंदशहर के आदेश व इस मामले में पुनरीक्षण अर्जी खारिज करने के अपर आयुक्त मेरठ के आदेश को विधि विरुद्ध करार देते हुए रद्द कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने बुलंदशहर की सिकंदरा तहसील के बिरौली ताजपुर गांव के सतीश व...
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