फतेहपुर, जून 18 -- फतेहपुर, वरिष्ठ संवाददाता। 17 साल पहले पट्टीशाह में एक जुलूस में हुए खूनी संघर्ष मामले की सुनवाई गुरुवार को जिला जज सुधीर कुमार की अदालत में पूरी हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों के 33 आरोपियों को घटना के लिए दोषी ठहराया है। अदालत ने मारपीट, बलवा के केस में दोषी सगे भाइयों समेत 19 आरोपियों को तीन-तीन साल की सजा और 19-19 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जबकि हत्या, जानलेवा हमला और बलवा के केस में फैसला सुरक्षित रखते हुए आज शुक्रवार को फैसला सुनाया जाएगा।

घटना का विवरण जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल दुबे ने बताया कि पट्टीशाह गांव में मजहर हैदर उर्फ मज्जू मियां और शरीफ सेठ के बीच चुनावी रंजिश थी। सात दिसंबर 2008 को हजरत इमाम हुसैन के भाई हजरत मुस्लिम की शहादत का जुलूस निकल रहा था। तभी दोनों पक्षों में मारपीट के बाद फायरिंग शुरू हो गई। गोल...