जयपुर, अक्टूबर 21 -- दीपावली की रात आसमान में पटाखों की रौशनी थी, पर कुछ घरों में सन्नाटा पसरा हुआ था। जहां लोग देवी-देवताओं की पूजा कर दीप जलाकर खुशियां मना रहे थे, वहीं कुछ परिवारों के घरों में चीखें और आंसू थे। लापरवाही, जिज्ञासा और ज़रूरत से ज़्यादा रोमांच की चाह ने इस बार कई जिंदगियों को झुलसा दिया। जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल से लेकर भरतपुर के डीग तक दीपावली का यह जश्न अब दर्दनाक यादों में बदल गया है। लाइव हिंदुस्तान दीपावली के अगले दिन एसएमएस अस्पताल में पूरा हाल जानने पहुंचा और देखा बर्न यूनिट मरीजों से भर चुका था। प्लास्टिक सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. आर.के. जैन के अनुसार, "तीन ऐसे मरीज हैं जिनके हाथों की उंगलियां पूरी तरह उड़ गईं, अब उन्हें सर्जिकल अम्प्यूटेशन करना पड़ेगा।" इनमें 5 साल की मासूम अन्नु भी शामिल है -जिसकी दांयी हाथ की त...
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