लखनऊ, जून 30 -- रेलवे बोर्ड के फरमान के बाद कबाड़ हो चुके थर्ड एसी कोच अब मरीजों की जान बचाएंगे। पूर्वोत्तर रेलवे ने संचालन से बाहर 12 कोचों को मिनी अस्पताल में बदलने की कवायद तेज कर दी है। जल्द ही ये कोच वर्कशॉप में भेजकर इन्हें चलता-फिरता क्लीनिक बनाया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत ये मिनी अस्पताल छोटे-छोटे स्टेशनों पर रोस्टर के हिसाब से भेजे जाएंगे। हर कोच में डॉक्टरों की टीम भी रोस्टर से तैनात होगी। कोच में प्राथमिक उपचार के साथ आपातकाल में भी इलाज की पूरी व्यवस्था रहेगी। कंडम एसी डिब्बों को ठंडा रखने के लिए रेलवे नए तरीके अपना रहा है। गर्मी रोकने वाले स्पेशल पेंट के साथ बांस की चिक और बबल रैप्स लगाए जाएंगे, ताकि अंदर मरीजों और स्टाफ को गर्मी से राहत मिले। इन मिनी अस्पतालों को खासतौर पर ऐसे दूर-दराज के स्टेशनों पर भेजा जाएगा, जहां स्वास्थ...