जमशेदपुर, मई 30 -- छोटानागपुर की समृद्ध कुड़मी आदिवासी संस्कृति से जुड़ा रोहिन परब (रोहिणी पर्व) गुरुवार को पटमदा एवं बोड़ाम प्रखंड क्षेत्र में पारंपरिक रीति-रिवाजों और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर किसानों ने धान बीज रोपण कर नए कृषि सत्र की शुरुआत की। गांवों में सुबह से ही पूजा-अर्चना और प्रकृति आराधना का माहौल बना रहा। समाजसेवी विश्वनाथ महतो ने बताया कि रोहिन परब कृषि सभ्यता, प्रकृति संरक्षण और पुरखों की परंपरा से जुड़ी सांस्कृतिक धरोहर है। इस दिन किसान खेतों में पहली बार धान बीज डालकर खेती कार्य का शुभारंभ करते हैं। मान्यता है कि धरती माता, जल, जंगल और प्रकृति शक्ति की पूजा से अच्छी फसल एवं सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।उन्होंने यह भी पढ़ें- सुपौल : रोहिणी नक्षत्र में किसान खेंतों में गिराने लगे धान का बिचड़ा बताया कि किसान खेत में...