विधि संवाददाता, जनवरी 12 -- पटना हाईकोर्ट ने नाबालिग छात्र को जेल भेजने के मामले में कड़ा रुख अख्तियार करते हुए राज्य सरकार पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही 15 हजार रुपये बतौर मुकदमा खर्च देने का आदेश दिया। कोर्ट ने सरकार को जुर्माना राशि की वसूली दोषी अधिकारियों से करने की छूट दी है। कोर्ट ने 6 माह के भीतर जांच कर दोषी अधिकारियों को चिन्हित कर कार्रवाई करने का भी आदेश दिया है। न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद और न्यायमूर्ति रीतेश कुमार की खंडपीठ ने मामले में सुनवाई की। कोर्ट को बताया गया कि साढ़े 15 साल के नाबालिग को बाल गृह भेजने के बजाए जेल भेज दिया गया। यही नहीं, पुलिस की ओर से समर्पित आरोप पत्र में किशोर का नाम भी नहीं था। इसके बावजूद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। मजिस्ट्रेट ने बगैर देखे उसे जेल भेजन...
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