साहिबगंज, जून 29 -- साहिबगंज। साहिबगंज की धरती पर ऐसी कलाकृति जन्मी है, जिसकी सुंदरता की तुलना कई कला प्रेमी प्रसिद्ध मोनालिसा पेंटिंग से करते हैं। इसे इंडियन मोनालिसा की भी संज्ञा दी जाती है। यह मूर्ति इस समय पटना संग्रहालय की शोभा बढ़ा रही है। दरअसल, जिला मुख्यालय से करीब छह किमी दूर स्थित सकरीगली में सालों पहले मिले गुप्तकालीन औरत व तोते की यह अद्भुत प्रतिमा भारतीय शिल्पकला, सौंदर्यबोध व सांस्कृतिक वैभव की अनुपम धरोहर है। इसकी जीवंत अभिव्यक्ति, संतुलित सौंदर्य और उत्कृष्ट शिल्प आज भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।

भारतीय शिल्पकला का उत्कृष्ट प्रतीक कला प्रेमियों का कहना है कि यह केवल एक मूर्ति नहीं, बल्कि हमारी हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता, कला और दर्शन की सजीव पहचान है। उधर, शहर के प्रसिद्ध कलाकार अमृत प्रकाश बताते हैं की यह प्रतिम...