हल्द्वानी, जून 2 -- मोहन भट्ट हल्द्वानी। उत्तराखंड में पहली बार पहली बार पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों की संख्या का पता लगाने के लिए 'वाइल्डलाइफ एकॉस्टिक रिकॉर्डर' और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। हल्द्वानी वन प्रभाग में करीब एक सप्ताह पहले शुरू की गई इस अनूठी पहल के तहत चार विशेष रिकॉर्डर खरीदे गए हैं। इन्हें वन प्रभाग की पांचों रेंज में बारी-बारी से लगाने की योजना है। इसके तहत पक्षियों की अधिक आवाजाही वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर रिकॉर्डर को पेड़ों पर बांधा जा रहा है। एक स्थान पर करीब एक हफ्ते तक रिकॉर्डर रखने के बाद उसके डेटा कार्ड में दर्ज ऑडियो को एक विशेष सॉफ्टवेयर में डाला जाता है। यह सॉफ्टवेयर एआई तकनीक की मदद से पक्षियों की एक-एक आवाज का बारीकी से विश्लेषण करता है और उनकी प्रजातियों की सटीक जानका...