गंगापार, मई 2 -- पंप नहर पकरी सेवार का संचालन दो माह से नहीं हो सका है, जिससे ताल तलैया पूरी तरह सूख चुके हैं। जिन तलाबों में थोड़ा बहुत पानी है, वह कीचड़ युक्त पानी है, जो पशुओं को पीने योग्य नहीं रह गया है। गांव के बनारसीलाल सोनकर, पारस नाथ सोनकर सहित कई ने बताया कि एक दशक पहले इस नहर के भरोसे लोग गर्मी के दिनों में हरा चारा व जायद की फसलें उगा कर अच्छा मुनाफा कमाते रहे, अब ऐसा नहीं रह गया है।
नहर की स्थिति गर्मी के दिनों में पंप नहर के इंजिनियर व कर्मचारी छुट्टी मनाते हैं। उन्हें किसानों से कोई लेना देना नहीं है। दो माह पहले नहर के मरम्मत व विस्तारीकरण के लिए शासन से करोड़ों रुपये मिले थे। इधर-उधर कार्य करवा कर धन का दुर्पयोग किया। जेई के लिए आवास तो बनाया गया है, लेकिन वह कब आते हैं कब चले जाते हैं, गांव के किसानों को कोई पता नहीं चल पा...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.