आजमगढ़, मार्च 3 -- आजमगढ़, संवाददाता। जिले के पंद्रह फीसदी परिषदीय विद्यालयों का अभी भी कायाकल्प नहीं हो सका है। इन विद्यालयों को 19 पैरामीटर पर संतृप्त किया जाना है। अधिकांश जगहों पर अभी तक मल्टीपल हैंड वाशिंग यूनिट भी नहीं बन सकी है। जिन स्कूलों में बनाई गई थी, वहां देखरेख के अभाव में खराब हो गई है। विद्यालयों में चहारदीवारी, बिजली कनेक्शन आदि का काम बाकी है। जिले में करीब 2706 परिषदीय स्कूल हैं। इनमे पौने तीन लाख से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। निजी विद्यालयों की तर्ज पर इन स्कूलों में सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन की तरफ से वर्ष 2019 में मिशन कायाकल्प योजना शुरू की गई। जिनमें विद्यालयों को 19 पैरामीटर पर संतृप्त किया जाना है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में राज्य वित्त आयोग और 15वें वित्त आयोग से जबकि नगरीय क्षेत्र में नगर प...
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