पंथ अनेक, हम सब हिन्दू एक: रामभद्राचार्य
लखनऊ, जून 9 -- मुख्यमंत्री की मौजूदगी में राममय हुआ बृज की रसोई परिसर, जगतगुरु बोले-राम इस राष्ट्र के मंगल लखनऊ, संवाददाता। यह भी पढ़ें- भारत की धरती कोई धर्मशाला नहीं; रामभद्राचार्य की रामकथा के समापन में गरजे सीएम योगी नौ दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव के समापन अवसर पर मंगलवार को सीतापुर रोड स्थित बृज की रसोई परिसर राममय हो गया। मुख्यमंत्री समेत कई मंत्रियों और हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं को श्रीराम कथा सुनाते हुए जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने लक्ष्मण के नाम की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि जिसका मन अपने लक्ष्य पर रहता है, उसे लक्ष्मण कहते हैं। उन्होंने कहा कि श्री राम इस राष्ट्र के मंगल हैं। मेरी दृष्टि में राष्ट्र और राम में कोई भेद नहीं है। यदि भारत होगा, तभी भगवान होंगे। जिस देश पर भगवान का आदर भी है और प्रेम भी, उसका नाम भारत भूमि है। ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.