रुद्रपुर, जुलाई 16 -- पंतनगर, संवाददाता। हरेला पर्व पर आयोजित 'हरित यज्ञ' अभियान के शुभारंभ समारोह में कुलपति डॉ. शिवेंद्र कुमार कश्यप ने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय देश के कृषि भविष्य और वैज्ञानिक सोच को गढ़ने वाली कर्मभूमि है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1963 में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने भी कहा था कि विश्वविद्यालय भवनों से नहीं, विचारों और मूल्यों से बनते हैं। कुलपति ने कहा कि देश में हरित क्रांति और खाद्यान्न आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव पंतनगर विश्वविद्यालय ने रखी। यहां की पंतनगर संस्कृति का मूल मंत्र है करना, अधिक करना और बेहतर करना। यही संस्कार यहां के विद्यार्थियों को देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान दिलाते हैं। यह भी पढ़ें- संस्कृत विवि में हरेला पर्व पर पौधारोपण किया उन्होंने कहा कि हरेला पर्व प्रकृति के प्रति भारतीय संस्कृति की आस्था का प...