नई दिल्ली, मई 2 -- पंजाब विधानसभा ने मजदूर दिवस के अवसर पर न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दी। यह संशोधन 2012 के बाद पहली बार बेस रेट में किया गया है और इसका लाभ सरकारी तथा निजी क्षेत्र के सभी पंजीकृत श्रमिकों को मिलेगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि न्यूनतम मजदूरी की मूल दर आखिरी बार 2012 में संशोधित की गई थी, जबकि इस अवधि में महंगाई भत्ता (डीए) में समय-समय पर वृद्धि होती रही। उन्होंने कहा कि इस निर्णय का उद्देश्य लंबे समय से लंबित मजदूरी संशोधन को लागू करना है। मुख्यमंत्री ने कहा, "न्यूनतम मजदूरी की बेस दर 2012 में तय की गई थी और उसके बाद इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ। मजदूर दिवस के अवसर पर विधानसभा के विशेष सत्र में इसे संशोधित किया गया है।" मुख्यमंत्री ने श्रमिक परिवारों के सामाजिक-आर्थिक सुधार में शिक्षा...
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