नई दिल्ली, जुलाई 8 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा बहुकोणीय संघर्ष में अपनी जगह बनाने के लिए बहुस्तरीय रणनीति पर काम कर रही है। इसमें 2 डी और 2 टी की रणनीति भी शामिल है यानी सिखों को ज्यादा टिकट व नशा व कर्ज मुख्य मुद्दे। पार्टी पश्चिम बंगाल की तरह यहां पर जमीनी रणनीति पर काम कर रही रही है और डिजिटल प्रचार पर ज्यादा जोर दे रही है। पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि राज्य में पांच कोणीय संघर्ष के आसार हैं, जिसमें उसकी के लिए बेहतर संभावनाएं हैं। पश्चिम बंगाल की बड़ी जीत के बाद भाजपा के लिए अब पंजाब ऐसा राज्य है, जहां वह विपक्षी भूमिका में सत्ता के लिए दावेदारी कर रही है। बीते चुनाव में आम आदमी पार्टी की लहर में 117 सीटों वाले राज्य में भले ही कांग्रेस को छोड़कर अन्य सभी दलों का सूपड़ा साफ...