नई दिल्ली, अक्टूबर 25 -- पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर इस बार अपने लिए बेहतर संभावनाएं देख रही भाजपा की गठबंधन को लेकर उलझनें बरकरार हैं। कांग्रेस के कई बड़े नेताओं के भाजपा में आने के बाद पार्टी काफी उत्साहित भी है। इसके अलावा उसने इस बार सिख नेतृत्व वरीयता पर रखी है, जिससे गठबंधन न होने पर भी वह मुकाबले को चतुष्कोणीय बना सकती है। पार्टी का एक वर्ग अकेले चुनाव लड़ने का पक्षधर है, जिससे कि भविष्य के लिए पार्टी राज्य में अपने को सभी क्षेत्रों और सभी वर्गों में स्थापित कर सके। अगले एक माह में भाजपा राज्य में व्यापक फीडबैक हासिल करेगी और उसके बाद फैसला लेगी।AAP और कांग्रेस में मुकाबला पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के साथ विपक्षी कांग्रेस मुख्य मुकाबले में है। राज्य में सिखों की बड़ी ताकत रही और कई बार सत्ता में रहे शिरोमणि अकाली दल ने भी...