मेरठ, अप्रैल 4 -- संदिग्ध आतंकियों को देश में हिंसा भड़काने, धार्मिक आधार पर दंगा कराने और सीरियल ब्लास्ट के लिए तैयार किया जा रहा था। इतना ही नहीं, पंजाब में पूर्व में आरएसएस नेताओं की सिलसिलेवार की गई हत्याओं की तरह ही वेस्ट यूपी में भी बड़ी वारदात करनी थी। यहां भी हिंदू नेता और आरएसएस नेता निशाने पर थे। इन संदिग्धों को टारगेट किलिंग की जिम्मेदारी भी मिली थी। हथियार खरीदने के लिए कुछ रकम भी दी गई थी, इसके लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग भी दी जा रही थी। पंजाब में वर्ष 2016-2017 के बीच हिंदू नेताओं और आरएसएस पदाधिकारियों को निशाना बनाया गया था। टारगेट किलिंग में एनआईए को जांच दी गई थी। खुलासा हुआ था कि रविंद्र गोसाईं, सुधीर सूरी, विश्व हिंदू परिषद के विकास प्रभाकर समेत कई आरएसएस पदाधिकारियों की हत्या पाकिस्तान की शह पर खालिस्तान समर्थक समूहों और बब्...
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