संतकबीरनगर, जनवरी 9 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में गांवों में बने पंचायत भवन बदहाल पड़े हैं। पंचायत सहायकों की तैनाती के बावजूद लोगों को यहां से कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है। ग्रामीण आज भी जरूरी सुविधाओं के लिए ब्लाक मुख्यालय का चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं। जनपद के तमाम पंचायत भवन ऐसे हैं जहां न तो कम्यूटर की सुविधा है और न ही बैठने तक की व्यवस्था की गई है। ग्राम पंचायत सचिव भी यदा-कदा ही आते हैं। इससे सरकार के निर्देशों का अनुपालन भी नहीं हो पा रहा है। जबकि नियमानुसार पंचायत भवनों से ही ग्रामीणों को सभी तरह की सुविधाओं को दिए जाने का निर्देश हैं। लेकिन हर माह प्रत्येक पंचायत सहायक पर पांच हजार रुपए का मानदेय व्यय किया जा रहा है और सुविधाएं कुछ भी नहीं मिल पा रही हैं। पौली क्षेत्र में तमाम कोशिशों के बाद भी पंचायत भ...
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