बांदा, जुलाई 1 -- बांदा, हिटी। शासन ने सभी लेखपालों को निर्धारित रोस्टर के तहत अपनी ग्राम पंचायत के मिनी सचिवालयों में बैठकर ग्रामीणों की समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए। एक जुलाई से यह व्यवस्था लागू होनी थी,लेकिन पहले ही दिन ज्यादातर मिनी सचिवालयों में ताले लटते रहे। लेखपाल पहुंचे भी तो प्रधान व पंचायत मित्रों के यहां जलपान कर लौट गए और ग्रामीणों को भनक ही नहीं लगी। शासन की मंशा है कि मिनी सचिवालयों को वन स्टाप सेंटर की तर्ज पर संचालित किया जाए, ताकि ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे प्रमाण पत्र बनवाने से लेकर अन्य सारी सुविधाएं मिल सकें,लेकिन ग्रामीणों को रोज की तरह जिला मुख्यालयों के चक्कर लगाने पड़े। यह भी पढ़ें- Banka News: पूर्णिया: सात जुलाई को जिले के 14 प्रखंडों के चिह्नित पंचायत में सहयोग शिविर जिले के ग्रामीणों को राजस्व संबंधी...