बहराइच, अप्रैल 3 -- बहराइच, संवाददाता। जिले के ग्रामीण इलाकों में लाखों रुपये खर्च कर पंचायत भवन बनवाए गए। आधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है। पंचायत सहायकों की तैनाती भी हुई है, ताकि गांव के लोगों को आय,जाति, परिवार रजिस्टर नकल समेत सभी कार्य बिना दौड़भाग के हो सके। लेकिन 90 फीसद पंचायत भवनों के खुलने का समय तो दूर हर समय ताला लटक रहा है। पंचायत सचिव बैठते हैं न ही सहायक ही आ रहे हैं। ऐसे में सरकार की मंशा को धक्का लग रहा है। जिले के 14 विकास खंडों में सरकार ने पंचायत भवनों को गांव की प्रशासनिक धुरी के रूप में विकसित करने का दावा किया था, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सहायक अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़कर मनमानी कर रहे हैं। सचिव भी नहीं आते हैं। लिहाजा कार्यालय समय पर नहीं खुलते, जिससे पेंश...