बरेली, अप्रैल 7 -- UP News: उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की आहट अभी दूर है, लेकिन ग्रामीण अंचलों में सियासी बिसात बिछनी काफी समय पहले से शुरू हो गई है। गांवों में चुनावी गुटबंदी इस कदर हावी है कि मौजूदा ग्राम प्रधानों को घेरने के लिए भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की झड़ी लगा दी गई है। हालांकि, जिला प्रशासन की जांच में इन शिकायतों की हवा निकलती नजर आ रही है। बरेली में जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) कार्यालय में हुई हालिया जांचों में 35 ग्राम प्रधानों पर लगे गंभीर आरोप पूरी तरह निराधार पाए गए हैं।चुनावी रंजिश और 'शिकायती अस्त्र' का खेल जैसे-जैसे चुनाव का समय नजदीक आता है, गांवों में विपक्षी खेमे सक्रिय हो जाते हैं। बरेली में भी यही देखने को मिल रहा है, जहां विकास कार्यों में धांधली और पंचायत निधि के दुरुपयोग की श...
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