कन्नौज, जनवरी 2 -- जलालाबाद,संवाददाता। पंचायत चुनाव की घोषणा भले ही अभी औपचारिक रूप से न हुई हो, लेकिन गांवों में सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। संभावित प्रत्याशी अभी से चुनावी मैदान में उतरकर समर्थन जुटाने में लग गए हैं। चौपालों, खेत-खलिहानों और चाय की दुकानों पर पंचायत चुनाव ही चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है। ‎गांवों में जनसंपर्क का दौर शुरू हो चुका है। प्रत्याशी ग्रामीणों की समस्याएं सुन रहे हैं और उन्हें दूर करने के वादे कर रहे हैं। सड़क, पानी, बिजली, नाली, आवास और रोजगार जैसे मुद्दे चुनावी चर्चा के केंद्र में हैं। कई जगहों पर पुराने पंचायत प्रतिनिधियों के कामकाज की समीक्षा भी होने लगी है, तो वहीं नए चेहरे बदलाव की बात कर रहे हैं। ‎राजनीतिक दलों से जुड़े लोग भी सक्रिय हो गए हैं। समर्थकों की बैठकों का सिलसिला शुरू हो चुका है और रणनीत...