फतेहपुर, मार्च 14 -- फतेहपुर। गांव-गांव चुनाव का शोर बढ़ते ही शतरंज की बिसाद बिछाई जाने लगी है। चुनाव की लेटलतीफी से प्रधान और दावेदार नींव मजबूत करने में जुटे है। चुनाव के ऐन मौके पर डंप धनराशि से विकास की पटकथा से चारों खाने चित्त की रणनीति बनाए है। सत्ता व विपक्ष के मैदान में कूदने से राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ी है। जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की घोषणा व आरक्षण तय न होने के बाद भी गांवों के गलियारों में चुनावी जंग का शंखनाद हो गया है। प्रधान से लेकर दावेदार तक पक्ष और विरोध की चाल पर चाल चली जा रही है। चुनावी टलने की अटकलों से प्रधान डंप धनराशि खर्च करने का अवसर तलाश रहे है। चुनाव में दमखम दिखाने के लिए डंप धनराशि से विकास कराने की रणनीति बनाए है। नतीजन गांवों में विकास कार्य की प्रगति भी थमी है। इसके विपरीत गांवों में बरती अनियमितता...