पटना, जून 21 -- बिहार प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत एवं ग्राम कचहरी प्रतिनिधि संगठनों ने कहा है कि पिछले 36 वर्षों से राज्य में पंचायतों का परिसीमन नहीं दुर्भाग्यपूर्ण है। राज्य सरकार से मांग की है कि पंचायतों परिसीमन कराने के बाद इसी आधार पर अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण का प्रावधान हो। इस मामले पर रविवार को प्रेस वार्ता में बिहार प्रदेश मुखिया महासंघ के अध्यक्ष मिथिलेश कुमार राय ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त एवं मजबूत बनाने के लिए पंचायतों का परिसीमन अनिवार्य है। पिछले 36 वर्षों से पंचायतों का परिसीमन नहीं होना संविधान की मूल भावना के विपरीत है। ग्राम कचहरी संगठन एवं पंच-सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमोद कुमार निराला ने कहा कि यह लड़ाई अपने अंतिम मुकाम पर है और संगठन इसे जीतकर रहेगा। मौके पर अधिवक्ता कुमार हर्षवर्धन, आनंद तिवारी,...