प्रयागराज, अप्रैल 6 -- Allahabad Highcourt: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 194 के तहत तैयार की जाने वाली पंचनामा रिपोर्ट का उद्देश्य केवल मृत्यु के प्रथमदृष्टया कारण और चोटों का विवरण दर्ज करना है, न कि आरोपी का नाम लिखना। न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने यह टिप्पणी हत्या के आरोपी गौतमबुद्ध नगर के सनी की जमानत याचिका खारिज करते हुए की। मामले में आरोपी ने दलील दी थी कि उसे एक हत्या मामले में झूठा फंसाया गया। प्रारंभिक पुलिस डायरी और अस्पताल रिकॉर्ड में हमलावर को अज्ञात बताया गया। आरोपी की ओर से यह भी कहा गया कि जब पंचनामा रिपोर्ट तैयार हुई उस समय मृतक के हत्यारे का नाम ज्ञात नहीं था, इसलिए उसमें अज्ञात लिखा गया और बाद में उसे गलत तरीके से नामजद कर दिया गया। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया क...