लखनऊ, अप्रैल 4 -- लखनऊ, कार्यालय संवाददाता लखनऊ बायोस्कोप ने अड्डेबाज़ी के अंतर्गत पंचतंत्र अनसेंसर्ड के साथ एक रोचक कहानी-वाचन और प्रदर्शन का आयोजन किया। जिसका प्रस्तुतीकरण वेलेंटीना त्रिवेदी और नितिन सुखीजा ने किया।प्रस्तुति में पंचतंत्र को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया, जो लगभग 300 ईसा पूर्व विष्णु शर्मा द्वारा रचित प्राचीन भारतीय कथाओं का संग्रह है। वेलेंटीना ने कहा कि आज भले ही इन्हें बच्चों की कहानियों के रूप में जाना जाता हो, लेकिन मूल रूप से पंचतंत्र नीति, आचरण, राज्यकौशल और मानवीय व्यवहार की गहरी समझ प्रदान करने के लिए रचा गया था। वेलेंटीना त्रिवेदी ने कहा कि आज कई लोग यह भी नहीं जानते कि ये कहानियां पंचतंत्र का ही हिस्सा हैं। भारत में कहानियों का एक अत्यंत समृद्ध भंडार है। नितिन सुखीजा ने सत्र की शुरुआत राजा अमर सिंह और उनके...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.