रांची, दिसम्बर 6 -- रांची, विशेष संवाददाता। बांग्ला साहित्य के दिग्गज कवियों की कृतियों पर झारखंड के कलाकारों ने अनूठे अंदाज में अपना स्नेह लुटाया। शनिवार को अर्चा साहित्य कला अकादमी की ओर से 'पंचकवि संगीत में सौ से अधिक स्वर' नामक एक अनूठी पेशकश का आयोजन किया गया। रांची विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में, 120 कलाकारों के कंठ से एक साथ पांच महान कवियों- रवींद्रनाथ टैगोर, काजी नजरुल इस्लाम, दिजेंद्र लाल राय, अतुल प्रसाद सेन और रजनीकांत सेन के लिखे गीत गूंजे। संगीत और साहित्य का यह ऐसा संगम था कि श्रोता बंधे से रह गए। कई शहरों से पहुंचे कलाकार कार्यक्रम का संगीत निर्देशन अर्चा साहित्य कला अकादमी की अध्यक्ष डॉ. पंपा सेन विश्वास और अशोक कुमार विश्वास ने किया। वहीं, सुलेखा धीवार, मऊ संतारा, रूमा राय मलिक, शाश्वती मुखर...