फतेहपुर, सितम्बर 24 -- फतेहपुर। थोड़ा सा बुखार या दर्द होते ही बिना सोचे-समझे मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक खरीदकर खा लेना सेहत के लिए भारी पड़ सकता है। बिना डॉक्टरी सलाह या आधी-अधूरी ली गई यही दवाएं आगे चलकर शरीर पर बेअसर होने लगती हैं। फार्मासिस्टों का साफ कहना है कि उनकी जिम्मेदारी सिर्फ काउंटर से दवा बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीज को सही खुराक, दवा का सही समय और जरूरी परहेज समझाना भी उनके काम का अहम हिस्सा है। डॉक्टर के परामर्श और सही सलाह के साथ ली गई दवा ही बीमारी को जड़ से खत्म कर सकती है। दवा मरीज तक पहुंचाना ही फार्मासिस्ट की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि दवा की सही खुराक, सेवन का तरीका और जरूरी सावधानियों की जानकारी देना भी उनकी भूमिका का अहम हिस्सा है। फार्मासिस्ट मरीजों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लेने और बिना चिकित्सकीय पर...