जमशेदपुर, जुलाई 21 -- न्यूरोवैस्कुलर विकारों के इलाज में एंडोवैस्कुलर तकनीक तेजी से प्रभावी और सुरक्षित विकल्प के रूप में उभर रही है। इंट्राक्रैनियल एन्यूरिज्म, एक्यूट इस्केमिक स्ट्रोक, आर्टेरियोवेनस मैलफॉर्मेशन (एवीएम) तथा ड्यूरल और स्पाइनल आर्टेरियोवेनस फिस्टुला (एवीएफ) जैसी जटिल बीमारियों का इलाज अब बिना बड़ी सर्जरी के आधुनिक एंडोवैस्कुलर तकनीक से किया जा सकता है। समय पर पहचान, शीघ्र रेफरल और विशेषज्ञों के समन्वय से मरीजों के उपचार के परिणाम और बेहतर हो सकते हैं। ये बातें रविवार को टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में आयोजित सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहीं। टीएमएच के न्यूरोसर्जरी विभाग की ओर से न्यूरोवैस्कुलर विकारों का एंडोवैस्कुलर प्रबंधन : एक व्यावहारिक दृष्टिकोण विषय पर सीएमई और हैंड्स-ऑन कार्यशाला का आयोजन क...