देहरादून, मई 21 -- हरिद्वार। संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा ने ट्रेड यूनियन के नेताओं पर मुकदमों का विरोध किया। जबकि न्यूनतम वेतन मजदूरों का अधिकार है। पत्रकार वार्ता के दौरान नेताओं ने कहा कि जो मजदूरों के हित की आवाज उठाता है, उसके खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कर गुंडा एक्ट लगाने की तैयारी की जाती है। सिडकुल प्रशासन और सरकार श्रमिक आंदोलन को दबाने का कार्य कर रहा है। न्यूनतम वेतन के लिए लड़ना मजदूरों का अधिकार है।

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