कानपुर, अगस्त 26 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। न्यूनतम वेतनमान को लेकर होजरी मजदूरों ने अपर श्रमायुक्त से न्याय की गुहार लगाई है। भारतीय होजरी मजदूर संघ ने ज्ञापन में बताया कि होजरी उद्योग में न्यूनतम वेतन लागू नहीं है। जबकि, सरकार ने इस साल 17 अप्रैल को न्यूनतम वेतन की घोषणा की थी। न्यूनतम वेतनमान को होजरी उद्योग में लागू कराया जाए। उद्योग में काम करने वाले कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा तथा भविष्य निधि की भी कोई सुविधा नहीं मिल रही है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भारतीय मजदूर संघ के पूर्व राष्ट्रीय मंत्री सुखदेव प्रसाद मिश्र ने बताया की होजरी उद्योग के कर्मचारियों का वेतन समझौता वर्ष 2023 में हुआ था, तब से समस्याओं पर कोई चर्चा नहीं हुई है। 3 साल में महंगाई बढ़ चुकी है। इसलिए वेतन पुनरीक्षण किया जाना चाहिए। होजरी मजदूरों की गुहार को अपर श...