न्याय सुनिश्चित हो
नई दिल्ली, नवम्बर 5 -- वर्ष 2026 में विवाद की हद तक चर्चित रहे यूजीसी समानता संबंधी नियमों पर केंद्र सरकार ने पुनर्विचार के संकेत दिए हैं, तो आश्चर्य नहीं। अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के छात्रों के हित में ये नियम विश्वविद्यालय परिसरों में न्याय सुनिश्चित करने के लिए 13 जनवरी को अधिसूचित किए गए थे, लेकिन इन पर शिकायतों की बौछार हो गई थी। इन शिकायतों के मद्देनजर ही सर्वोच्च न्यायालय ने 29 जनवरी को इन नियमों को लागू करने पर रोक लगा दी थी। उसके बाद से सरकार पर दोतरफा दबाव बना हुआ है और वह अनिर्णय में दिखती रही है। जहां दलित-आदिवासी संगठन इसे लागू कराने के लिए दबाव बढ़ाते रहे हैं, तो समाज के बाकी वर्गों में इन नियमों को लेकर असंतोष और नाराजगी बनी हुई है। इन नियमों के खिलाफ जगह-जगह प्रदर्शन भी हुए हैं। खैर, सरकार ने गुरुवार को सर्वोच्च न्य...
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