रांची, अगस्त 23 -- रांची, विशेष संवाददाता। मानव तस्करी के पीड़ितों को केवल कानूनी मदद और न्याय दिलाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके पुनर्वास, समाज में मुख्यधारा में शामिल करना और दोबारा तस्करी से बचाव पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है। न्याय प्रक्रिया को पीड़ित केंद्रित और मानवाधिकार आधारित बनाने की आवश्यकता है। ये बातें झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने रविवार को कही। वह न्यायिक अकादमी आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन का विषय मानव तस्करी एवं मानवाधिकार था। कार्यक्रम में झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के अलावा न्यायिक पदाधिकारी, पुलिस अधिकारी, लोक अभियोजक और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने कहा क...