दुमका, दिसम्बर 14 -- दुमका, प्रतिनिधि।झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने कहा कि न्याय केवल न्यायालयों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आम नागरिकों के जीवन में उसकी अनुभूति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विधिक सेवा एवं सशक्तिकरण शिविरों के माध्यम से न्यायपालिका समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास कर रही है, जिससे प्रत्येक नागरिक को समानता, गरिमा और न्याय तक सरल पहुंच सुनिश्चित हो सके। झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान शनिवार को दुमका के कन्वेंशन सेंटर में स्टेट लेवल लीगल सर्विसेज कम एंपावरमेंट कैंप के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने पूरे राज्य में चल रहे राष्ट्रीय लोक अदालत का वर्चुअल रूप से ऑनलाइन उद्घाटन किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथ...
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