नई दिल्ली, मार्च 13 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि न्यायिक सेवा के लिए 3 साल वकालत की शर्त सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से तय की गई है, जिसका सम्मान किया जाना चाहिए। शीर्ष अदालत ने कहा कि अब एकमात्र मुद्दा इस नियम को लागू करने के तरीके तय करना है।मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह और के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा न्यायिक सेवा के लिए वकालत की शर्त तो रहेगी ही।' पीठ ने यह भी सुझाव दिया कि हमें उस पीठ का सम्मान करना चाहिए, जिसने 3 साल की शर्त तय की। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि 3 साल की शर्त तो होनी चाहिए। लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि कोई वकील किसी न किसी कोर्ट में खाली बैठा रहे और बस देखता रहे? क्या इससे वे योग्य बन जाएंगे? या उन्हें मुफ्त कानूनी सहायता वकील बना दिया जाए।' इसके साथ ही स...
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