नई दिल्ली, अप्रैल 16 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को न्यायिक सेवाओं में 50 प्रतिशत पदों को भरने तथा विधि अधिकारियों और सरकारी वकीलों के रूप में नियुक्ति के लिए योग्य महिला उम्मीदवारों पर विचार करने का निर्देश देने के अनुरोध वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता ऐसी याचिकाएं दायर न करें। मुख्य न्यायाधीश ने तीनों याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन से कहा कि हमें शर्मिंदा न करें और अपने लिए जटिलताएं पैदा न करें। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि विधि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं और ऐसे बदलाव एक दिन में नहीं होते। यह भी पढ़ें- समान नागरिक संहिता का धर्म से कोई लेन...